![]() | ||
Showing posts with label बक्सर. Show all posts
Showing posts with label बक्सर. Show all posts
Wednesday, December 4, 2013
श्रीराम महायज्ञ की तैयारी में जुटे बक्सर ओपेन कारा के कैदी
महर्षि विश्वमित्र की पावन तपोभूमि बक्सर में पतित-पावनी गंगा के तट पर होने जा रहे शतमुख कोटिहोमात्मक श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में है। सात मंजिले यज्ञशाला और मुख्य़ पंडाल का निर्माणकार्य लगभग पूरा हो गया है। सौ हवनकुंडों के निर्माण में भी कारीगर दिन-रात लगे हुए हैं।सबसे खास बात ये है कि यज्ञ की तैयारियों में बक्सर ओपेन जेल के दो दर्जन से ज्यादा कैदी भी लगे हैं जो विभिन्न अपराधों में सजायाफ्ता हैं। ऐसे कैदियों का मानना है कि धर्मकार्य में भाग लेने से उनके पाप कम होंगे और जीवन में शांति और सदभाव कायम होगा। जेल प्रशासन ने उन्हें पू्र्व के अपराधों के प्रायश्चित के लिए इस काम में लगाया है ताकि वे समाज जीवन की मुख्यधारा से अपने को जोड़ सकें।
महायज्ञ में सौ हवनकुंड बनेंगे जिसमें एक करोड़ आहुतियां दी जानी है। संत-महात्माओं के प्रवचन से पूरे नौ दिनों तक भक्ति की रसधारा मां गंगा के समानांतर बहने वाली है। इसके अलावे रामलीला और रासलीला की प्रसिद्ध मंडलियों की प्रस्तुति भी श्रद्धालुओं को देखने-सुनने को मिलेगी।
रामभक्ति की सगुण एवम् निर्गुण धारा के मूल पीठ और रामानंदी वैष्णवों के आचार्यपीठ-श्रीमठ, पंचगंगा घाट,काशी के इस आयोजन में देश भर के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेेने वाले हैं।
श्रीराम महायज्ञ के संकल्पक जगदगुरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी श्रीरामनरेशाचार्यजी महाराज स्वयं भी बक्सर पहुंच गये हैं। उनका कहना है कि इस यज्ञ से बक्सर सहित आसपास के इलाके में धार्मिक वातावरण बनेगा और आम लोगों में कृतज्ञता ज्ञापन का भाव बढ़ेगा जिसका आजकल भारी अभाव हो गया है। उन्होंने कहा कि यज्ञ में देवताओं और प्रकृति को आहुतियों के माध्यम से हम कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। जो भगवान वायु, आकाश और अग्नि के रुप में हमारी सहायता करते हैं और जीवन को आधार प्रदान करते हैं, हम उनके लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन इस यज्ञ के माध्यम से करते हैं।
![]() |
| Yagya Mandap |
रामभक्ति की सगुण एवम् निर्गुण धारा के मूल पीठ और रामानंदी वैष्णवों के आचार्यपीठ-श्रीमठ, पंचगंगा घाट,काशी के इस आयोजन में देश भर के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेेने वाले हैं।
![]() |
| Swami Ramnareshacharya in Buxar |
श्रीराम महायज्ञ के संकल्पक जगदगुरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी श्रीरामनरेशाचार्यजी महाराज स्वयं भी बक्सर पहुंच गये हैं। उनका कहना है कि इस यज्ञ से बक्सर सहित आसपास के इलाके में धार्मिक वातावरण बनेगा और आम लोगों में कृतज्ञता ज्ञापन का भाव बढ़ेगा जिसका आजकल भारी अभाव हो गया है। उन्होंने कहा कि यज्ञ में देवताओं और प्रकृति को आहुतियों के माध्यम से हम कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। जो भगवान वायु, आकाश और अग्नि के रुप में हमारी सहायता करते हैं और जीवन को आधार प्रदान करते हैं, हम उनके लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन इस यज्ञ के माध्यम से करते हैं।
![]() | |
| Swami Ramnareshacharya near Yagya Mandap |
Location:
Buxar, Bihar, India
Monday, December 2, 2013
बक्सर में परवान चढ़ी श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां
पौराणिक
शहर बक्सर के
चरित्रवन स्थित
सोमेश्वर स्थान
पर गंगा
किनारे 7
दिसंबर से
होने वाले शतमुख कोटिहोमात्मक
श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां
परवान पर है। इसके लिए वहां
करीब सौ कारीगरों व स्वयं
सेवकों के दल को तैनात किया
गया है, जो
दिन-रात
निर्माण कार्य
में जुटे हैं। इनके द्वारा
काफी मेहनत-मशक्कत
कर यज्ञशाला एवम्
प्रवचन मंडप के अलावा अन्य
कार्यो को अंतिम रूप दिया जा
रहा है। यज्ञ
स्थल पर रविवार को इसकी जानकारी
देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष
आर के राय और सचिव राजवंश
तिवारी ने बताया कि नौ दिवसीय
श्रीराम महायज्ञ
का शुभारंभ वाराणसी स्थित
श्रीमठ पीठाधीश्वर जगद्गुरु
रामानंदाचार्य स्वामी
रामनरेशचार्य जी महराज के
सान्निध्य में 7
दिसंबर को
भव्य कलश यात्र के साथ
होगा। जिसका समापन समष्टि
भंडारे के साथ 15
दिसंबर को
होगा। उन्होंने बताया कि
सौ कुंडीय महर्षि
विश्वामित्र नामक यज्ञशाला
का निर्माण चौदह कट्ठा भूमि
पर कराया
जा रहा है। यज्ञ
मंडप पांच मंजिला बना है।
यज्ञशाला के समीप ही
वशिष्ठ मुनि
के नाम पर विशाल सभागार बनाया
जा रहा है। जिसमें संत समागम
के अलावा रासलीला,
रामलीला एवम्
अन्य विविध
सांस्कृतिक कार्यक्रम
आयोजित होंगे। इस मौके पर
समिति के प्रवक्ता राकेश कुमार
राय ‘कल्लू’, योगेश
राय, सोमेश्वरनाथ
मंदिर के महंत संजय दास,
सिद्धनाथ राय,
प्रमोद पांडेय,
जितेन्द्र
गिरी, प्रचार
प्रभारी डा.रमेश
कुमार, मनोज
पांडेय, जितेन्द्र
पांडेय, नंदू
पांडेय, अनिल
पांडेय, हरेन्द्र
यादव व विजय तिवारी
आदि लोग मौजूद थे।
बक्सर की ऐतिहासिक धरती पर होने वाला ये अपने तरह का पहला यज्ञ है जिसमें देश के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य सम्मिलित होंगे। प्रभु श्रीरा्म की शिक्षाभूमि पर इस बार रामानंद संप्रदाय के मूल आचार्यपीठ की ओर से ये आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर इलाके में भारी उत्साह है।
बक्सर की ऐतिहासिक धरती पर होने वाला ये अपने तरह का पहला यज्ञ है जिसमें देश के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य सम्मिलित होंगे। प्रभु श्रीरा्म की शिक्षाभूमि पर इस बार रामानंद संप्रदाय के मूल आचार्यपीठ की ओर से ये आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर इलाके में भारी उत्साह है।
Labels:
Buxar,
Sriram,
Yagya,
बक्सर,
रामानंदाचार्य,
श्रीराम महायज्ञ,
स्वामी रामनरेशाचार्य
Location:
Buxar, Bihar, India
Wednesday, November 27, 2013
जगदगुरु ने लिया महायज्ञ की तैयारियों का जायजा
बक्सर
के चरित्रवन स्थित सोमेश्वर
स्थान पर 7 दिसंबर
से शुरू होने वाले नौ दिवसीय
शतमुख कोटिहोमात्मक श्रीराम
महायज्ञ की तैयारियां शुरू
कर दी गई है। जिसके तहत यज्ञ
मंडप व प्रवचन पंडाल आदि निर्माण
का काम जोर पकड़ने लगा है।
यज्ञ का आयोजन जगद्गुरु
रामानंदाचार्य स्वामी
रामनरेशाचार्य जी महाराज के
सान्निध्य में हो रहा है।
गुरुवार को श्री पीठ काशी से
पधारे महाराज श्री ने तैयारियों
का जायजा लिया तथा आयोजक मंडल
को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
गत 21 नवम्बर
को बक्सर पधारे महाराज श्री
ने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य
वैदिक सनातन धर्म के माध्यम
से सामाजिक सद्भाव बनाते हुए
जन कल्याण करना है। यज्ञ के
बारे में पत्रकारों को जानकारी
देते हुए स्वामी जी ने कहा कि
वैदिक शास्त्रीय विधान के
अनुसार एक सौ कुंडीय यज्ञ का
ही महत्व है। उन्होंने बताया
कि सभी कुंडों पर चार-चार
जोड़े दंपति एक-एक
आचार्य के निर्देशन में एक
करोड़ आहूतियां देंगे। उन्होंने
बताया कि वैदिक प्रवर विनायक
मंगलेश्वर बादल ‘घनपाठी’ व
दत्तात्रये नारायण रहाटे के
आचार्यत्व में महायज्ञ संपन्न
होगा। इस मौके पर समिति के
अध्यक्ष आर.के.राय,
उपाध्यक्ष प्रभु
प्रसाद गुप्ता, सुरेन्द्र
राय व दिनेश राय के अलावा सचिव
राजवंश तिवारी, हरेन्द्र
कुमार सिंह, मीडिया
प्रभारी डा.रमेश
कुमार, सह सचिव योगेश
राय व चंद्रश्वेर पांडेय,
कोषाध्यक्ष सत्येन्द्र
पांडेय के अलावा जवाहर पासवान,
काशीनाथ प्रसाद,
संजय दास, रामव्रत
सिंह, विभूति नारायण
राय, शिव नायक सिंह,
सिद्धनाथ राय, देव
नारायण शर्मा, राजाराम
शास्त्री, जितेन्द्र
गिरी, भालचंद्र
बादल, लाल दास,
आचार्य फूलेन्द्र
सिंह, प्रदीप पाठक
व उपेन्द्र पाठक आदि मौजूद
थे।
Location:
Southern Asia
श्रीराम महायज्ञ में बहेगी भक्ति की धारा
बक्सर के
चरित्रवन स्थित
सोमेश्वर स्थान
पर पावन गंगा
के तट पर 7
दिसंबर से
प्रस्तावित शतमुख कोटिहोमात्मक
श्रीराम महायज्ञ में देश के
दर्जनों विद्वान, धर्माचार्य
और मठाधीश पहुंचेंगे
और अपने श्रीमुख
से ज्ञान की गंगा प्रवाहित
करेंगे। साथ ही नौ
दिवसीय धर्म के
इस विराट आयोजन में
शिरकत करते हुए वैदिक सनातन
धर्म के गूढ़ रहस्यों को
बताएंगे।श्रीराम
भक्ति परंपरा और रामानंद
संप्रदाय के मूल आचार्यपीठ
श्रीमठ, पंचगंगा,
काशी पीठाधीश्वर
जगद्गुरु रामानंदाचार्य
स्वामी रामनरेशाचार्य जी
महाराज के सान्निध्य में इस
महायज्ञ का आयोजन किया गया
है। जिसमें देश के कोने-कोने
से संतोंतों
तोोतों विद्वानो
के आने की अनुमति मिल चुकी है।
महायज्ञ
आयोजन समिति के अध्यक्ष
आर.के.राय,
सचिव राजवंश
तिवारी एवम्
मीडिया प्रभारी डा.रमेश
कुमार ने बताया कि यज्ञ के
दौरान गोवर्धनपीठ,
पुरी के जगद्गुरु
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद
सरस्वती जी
महाराज,
वृंदावन के
मलूक पीठाधीश्वर
द्वाराचार्य
डा.राजेन्द्र
दास जी महाराज, पंजाब
के पिंडोरीधाम से रघुवीर दास
जी महाराज, जोधपुर
के स्वामी अचलानंद जी महाराज,
मैहर के सिया
शरण जी, सूरत
(गुजरात)
के जगन्नाथ
दास, अयोध्या
के दिगंबर
अखाडा़ के श्रीमहंत सुरेश
दास जी , स्वामी
गयामनंद दास,
वृंदावन के
रामस्वरूप व महामंडलेश्वर
बलरामदास,
प्रेमदास जी
महाराज, हरिद्वार
के रामानंद आश्रम के महामंडलेश्वर
श्रीभगवान दास समेत
कई अन्य
जाने-माने
संत-महंतों
के यज्ञ में
पधारने स्वीकृति प्राप्त हो
चुकी है।
Wednesday, June 12, 2013
बक्सर में श्रीमठ करेगा शतमुख कोटि होमात्मक श्रीराम महायज्ञ
महर्षि
विश्वामित्र की तपोभूमि बक्सर
में एक विराट श्रीराम महायज्ञ
करने का संकल्प जगदगुरु
रामानंदाचार्य स्वामी
श्रीरामनरेशाचार्य जी महाराज
ने लिया। आगामी सात दिसम्बर
से 15 दिसम्बर,2013
तक चलने वाले
यज्ञ में देश भर से शीर्ष
संत-महात्मा,
श्रीमहंत,
भजन गायक और
सुख्यात लीला मंडली के कलाकार
भाग लेंगे। कई शताब्दी बाद
धर्मनगरी बक्सर में इस तरह
का भव्य यज्ञ देखने और उसमें
भाग लेने का सुअवसर सनातन
धर्मावलम्बियों को प्राप्त
होगा। इस यज्ञ का नाम शतमुख
कोटि होमात्मक श्रीराम महायज्ञ
होगा। इसमें सौ हवन कुंड बनेंगे
जिसमें एक करोड़ आहुतियां
डाली जाएंगी। सबसे बड़ी बात
ये है कि यह यज्ञ उस पीठ की ओर
से हो रहा है जिसे देश में
रामभक्ति परंपरा और रामानंद
संप्रदाय का मूल आचार्यपीठ
का गौरव हासिल है। यज्ञ के
संकल्पक स्वयं वर्तमान जगदगुरु
रामानंदाचार्य स्वामी
श्रीरामनरेशाचार्य जी महाराज
हैं, जो
रामावत संप्रदाय के जगदगुरु
हैं। यज्ञ को ऐतिहासिक स्वरुप
देने के लिए महाराज श्री ने
11 जून को
बक्सर का दौरा किया और वहां
यज्ञ तैयारी समिति से जुड़े
स्थानीय लोगों के साथ बैठक
की। ईटीवी से बातचीत के दौरान
महाराज श्री ने यज्ञ के स्वरुप
और तैयारियों के बाबत जो जानकारी
दी ,उसे
उन्हीं की भाषा में यहां आप
सुन सकते हैं।
Labels:
बक्सर,
श्रीमठ,
श्रीराम महायज्ञ
Location:
Buxar, Bihar, India
Subscribe to:
Posts (Atom)





