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Monday, October 27, 2014
Monday, December 2, 2013
बक्सर में परवान चढ़ी श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां
पौराणिक
शहर बक्सर के
चरित्रवन स्थित
सोमेश्वर स्थान
पर गंगा
किनारे 7
दिसंबर से
होने वाले शतमुख कोटिहोमात्मक
श्रीराम महायज्ञ की तैयारियां
परवान पर है। इसके लिए वहां
करीब सौ कारीगरों व स्वयं
सेवकों के दल को तैनात किया
गया है, जो
दिन-रात
निर्माण कार्य
में जुटे हैं। इनके द्वारा
काफी मेहनत-मशक्कत
कर यज्ञशाला एवम्
प्रवचन मंडप के अलावा अन्य
कार्यो को अंतिम रूप दिया जा
रहा है। यज्ञ
स्थल पर रविवार को इसकी जानकारी
देते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष
आर के राय और सचिव राजवंश
तिवारी ने बताया कि नौ दिवसीय
श्रीराम महायज्ञ
का शुभारंभ वाराणसी स्थित
श्रीमठ पीठाधीश्वर जगद्गुरु
रामानंदाचार्य स्वामी
रामनरेशचार्य जी महराज के
सान्निध्य में 7
दिसंबर को
भव्य कलश यात्र के साथ
होगा। जिसका समापन समष्टि
भंडारे के साथ 15
दिसंबर को
होगा। उन्होंने बताया कि
सौ कुंडीय महर्षि
विश्वामित्र नामक यज्ञशाला
का निर्माण चौदह कट्ठा भूमि
पर कराया
जा रहा है। यज्ञ
मंडप पांच मंजिला बना है।
यज्ञशाला के समीप ही
वशिष्ठ मुनि
के नाम पर विशाल सभागार बनाया
जा रहा है। जिसमें संत समागम
के अलावा रासलीला,
रामलीला एवम्
अन्य विविध
सांस्कृतिक कार्यक्रम
आयोजित होंगे। इस मौके पर
समिति के प्रवक्ता राकेश कुमार
राय ‘कल्लू’, योगेश
राय, सोमेश्वरनाथ
मंदिर के महंत संजय दास,
सिद्धनाथ राय,
प्रमोद पांडेय,
जितेन्द्र
गिरी, प्रचार
प्रभारी डा.रमेश
कुमार, मनोज
पांडेय, जितेन्द्र
पांडेय, नंदू
पांडेय, अनिल
पांडेय, हरेन्द्र
यादव व विजय तिवारी
आदि लोग मौजूद थे।
बक्सर की ऐतिहासिक धरती पर होने वाला ये अपने तरह का पहला यज्ञ है जिसमें देश के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य सम्मिलित होंगे। प्रभु श्रीरा्म की शिक्षाभूमि पर इस बार रामानंद संप्रदाय के मूल आचार्यपीठ की ओर से ये आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर इलाके में भारी उत्साह है।
बक्सर की ऐतिहासिक धरती पर होने वाला ये अपने तरह का पहला यज्ञ है जिसमें देश के जाने-माने संत-महात्मा और धर्माचार्य सम्मिलित होंगे। प्रभु श्रीरा्म की शिक्षाभूमि पर इस बार रामानंद संप्रदाय के मूल आचार्यपीठ की ओर से ये आयोजन हो रहा है, जिसे लेकर इलाके में भारी उत्साह है।
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श्रीराम महायज्ञ,
स्वामी रामनरेशाचार्य
Location:
Buxar, Bihar, India
Wednesday, July 31, 2013
हरिद्वार में स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज का चातुर्मास महोत्सव आरंभ
पतित पावनी गंगा के तट पर देवभूमि हरिद्वार में इस वर्ष श्रीमठ, काशी के वर्तमान आचार्य एवम् जगदगुरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी श्रीरामनरेशाचार्य जी महाराज का 'दिव्य चातुर्मास महोत्सव' श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। भूपतवाला स्थित निर्माणाधीन अद्वितीय श्रीराम मंदिर परिसर चातुर्मास महोत्सव की विविध प्रवृत्तियों का समायोजन किया जा रहा है। नित्य कार्यक्रमों के साथ ही सावन मास की प्रत्येक सोमवारी को भगवान भोलेनाथ का महाभिषेक पूर्ण-विधि विधान से संपन्न हो रहा है। जगदगुरु स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज ने चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे आत्मशुद्धि का पर्व बताया।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास में संत-महात्माओं को आत्मचिंतन का अवसर प्राप्त होता है। इसमें हमें सनातन धर्म की रक्षा को लेकर चिंतन करने के साथ व्यक्तिगत खामियों को दूर करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संत का उद्देश्य सनातन धर्म एवं मानव कल्याण को गति देना है।
वैसे गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ही देश भर से आए भक्तों की उपस्थिति में गुरु पूजन के साथ महोत्सव का आरंभ हो गया।
उन्होंने कहा कि चातुर्मास में संत-महात्माओं को आत्मचिंतन का अवसर प्राप्त होता है। इसमें हमें सनातन धर्म की रक्षा को लेकर चिंतन करने के साथ व्यक्तिगत खामियों को दूर करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संत का उद्देश्य सनातन धर्म एवं मानव कल्याण को गति देना है।
वैसे गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ही देश भर से आए भक्तों की उपस्थिति में गुरु पूजन के साथ महोत्सव का आरंभ हो गया।
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चातुर्मास,
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श्रीमठ,
श्रीराम मंदिर,
हरिद्वार
Location:
Andhra Pradesh, India
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